1. Hindi News
  2. भारत
  3. राजनीति
  4. पीएम मोदी ने केंद्रीय मंत्रिपरिषद की बैठक में दिया रिफार्म पर जोर, 9 विभागों के मंत्रियों ने दिया प्रेजेंटेशन

पीएम मोदी ने केंद्रीय मंत्रिपरिषद की बैठक में दिया रिफार्म पर जोर, 9 विभागों के मंत्रियों ने दिया प्रेजेंटेशन

 Reported By: Devendra Parashar, Edited By: Mangal Yadav
 Published : May 21, 2026 05:45 pm IST,  Updated : May 21, 2026 10:36 pm IST

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी केंद्रीय मंत्रिपरिषद की बैठक की अध्यक्षता की। इस बैठक में मंत्रालयों के कामकाज, हाल के नीतिगत फैसलों, उनके नतीजों और भविष्य की योजनाओं पर चर्चा होने की उम्मीद है।

केंद्रीय मंत्रिपरिषद की बैठक- India TV Hindi
केंद्रीय मंत्रिपरिषद की बैठक। फाइल Image Source : ANI

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को केंद्रीय मंत्रिपरिषद की बैठक की अध्यक्षता की। पीएम मोदी ने मंत्रियों से कहा कि वे अपने पेंडिंग काम जल्द से जल्द पूरे करें। यह बैठक शाम 5 बजे शुरू हुई और साढ़े चार घंटे तक चली। सूत्रों के मुताबिक, पीएम मोदी के साथ मंत्री परिषद की बैठक में 9 विभागों ने प्रेजेंटेशन दिया। कृषि, फोरेस्ट, लेबर, रोड ट्रांसपोर्ट, कॉरपोरेट, विदेश, कॉमर्स, पावर समेत 9 विभागों का प्रेजेंटेशन दिया गया है।

पीएम मोदी ने दिया रिफार्म पर जोर

प्रधानमंत्री ने सभी मंत्रालयों में रिफार्म पर जोर दिया। पीएम मोदी ने कहा कि सभी विभाग जनहित को सर्वोपरि रखकर काम करें। फाइल जल्दी से चले। फालतू में चक्कर नहीं काटें। कम समय में ज्याद काम हो। हर चीज में सरलता लाएं। 2047 विकसित भारत नारा नहीं हमारा कमिटमेंट है। जिन मंत्रालय का परफॉमेंस रैंकिंग के हिसाब से कमजोर था। उनको सुधार लाने को कहा गया। 

पीएम मोदी ने मंत्रियों से कहा कि 12 साल की उपलब्धियों को लेकर जनता के बीच जाएं। विदेश मंत्री ने पांच देशों की यात्रा पर बैठक में जानकारी दी। पांच देशों की सफल यात्रा और पश्चिम बंगाल चुनाव में बड़ी विजय पर प्रधानमंत्री का मंत्री परिषद की बैठक में अभिनंदन किया गया।

9 विभागों के मंत्रियों ने दिया प्रेजेंटेशन

 पीएम मोदी ने मंत्रियों के कामकाज की समीक्षा की। पीएम मोदी के सामने कैबिनेट मंत्रियों ने प्रेजेंटेशन दिया। इस उच्च-स्तरीय बैठक में केंद्रीय कैबिनेट मंत्रियों, स्वतंत्र प्रभार वाले राज्य मंत्रियों और राज्य मंत्रियों भी शामिल हैं। यह बैठक ऐसे समय में हो रही है जब ऊर्जा सुरक्षा को लेकर वैश्विक चिंताएं बढ़ रही हैं और पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के कारण ईंधन की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं। 

यह बैठक पश्चिम एशिया में बढ़ते संघर्ष के कारण पैदा हुई वैश्विक आर्थिक चिंताओं के बीच भी काफी अहम मानी जा रही है। भू-राजनीतिक तनाव के चलते वैश्विक कच्चे तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर पहुंच गई हैं, जिससे भारत में महंगाई के दबाव को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं। भारत अपनी कच्चे तेल की ज़रूरत का लगभग 85% हिस्सा आयात करता है। तेल की बढ़ती कीमतों का असर ईंधन की लागत, परिवहन खर्च और देश में कुल महंगाई पर पड़ने की उम्मीद है। प्रधानमंत्री ने हाल ही में लोगों से अपील की है कि वे ईंधन का इस्तेमाल, सोने की खरीद और विदेश यात्राएं कम करें।

 

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। Politics से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें भारत